जब मैंने पहली बार ये फिल्म देखी, तो मैं सिर्फ वैज्ञानिक चीजों (ब्लैक होल, रिलेटिविटी, ग्रैविटी) में उलझा हुआ था। लेकिन दूसरी बार देखकर समझ आया— कहानी: धरती मर रही है, और समय खत्म हो रहा है धरती पर धूल के तूफान आ रहे हैं, फसलें जल रही हैं। अब इंसान किसान बन गए हैं, साइंटिस्ट नहीं। कूपर (मैथ्यू मैक्कोनेघी) एक किसान है, लेकिन दिल से एक एक्सप्लोरर। जब उसे नासा का एक गुप्त मिशन मिलता है—ब्रह्मांड में नया घर ढूंढना—तो वह अपनी बेटी मर्फ (जेसिका चैस्टेन) को छोड़कर चला जाता है।
यहीं से शुरू होता है । सबसे बड़ा ट्विस्ट: टाइम डिलेशन (Time Dilation) फिल्म सिखाती है कि समय रिश्तेदार है। एक घंटा स्पेस में = 7 साल धरती पर। जब कूपर एक छोटे से मिशन पर निकलता है और वापस आता है, तो उसके बच्चे बूढ़े हो चुके होते हैं। उसकी बेटी अब उसकी उम्र की हो चुकी होती है। interstellar hindi
वो सीन जब कूपर एक साथ देखता है—जहां उसका बेटा शादी कर लेता है, बच्चे पैदा कर लेता है, और उसकी बेटी पहली बार रिकॉर्डिंग में आवाज़ देती है—आपकी रूह कांप उठती है। "डैड... आज मैं आपकी उस उम्र की हो गई हूँ, जब आप मुझे छोड़कर गए थे।" ये डायलॉग सीने पर गोली मारने जैसा है। TARS, CASE, और वो ब्लैक होल 'गार्गांटुआ' फिल्म का दूसरा हीरो है रोबोट TARS (जो मजाक भी करता है, और जान भी बचाता है)। और फिर वो ब्लैक होल... इसे देखना और समझना मुश्किल है, लेकिन नोलन ने इसे असली दिखाया। बच्चे पैदा कर लेता है